डुमरियाटांड में बाहा पर्व ( सरहुल पूजा) का हुआ आयोजन,ढोल एवं मांदर की थाप पर लोग जमकर थिरके

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विष्णुगढ़ । विष्णुगढ़ के मड़मो पंचायत अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य हुल कगांव डुमरियाटांड में नायके मनोज टुडू एवं मांझी बाबा श्याम लाल हेम्ब्रम के नेतृत्व में प्रकृति पूजा का पर्व बाहा पर्व बड़े हीं धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बाहा पर्व के मौके पर पहुंचे मुख्य अतिथियों के द्वारा जहेरा स्थल पर मत्था टेकने के पश्चात नायके मनोज टुडू के द्वारा सरजोम सखुआ फूल को ग्रहण किया गया।

बाहा पर्व ( सरहुल पूजा) के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आदिवासी सेंगेंल अभियान के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मु ने इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बाहा पर्व प्रकृति से जुड़ा हुआ पर्व है। यह बाहा पर्व प्रकृति पूजक आदिवासी समुदाय का एक बहुत हीं बड़ा त्योहार है। कहा कि नये वर्ष के आने पर प्रकृति में बदलाव आता है, पेड़ पौधों में नये नये पत्ते ,फल, एवं फूल आते हैं। इसी नये फल, फूल , एवं पत्ते को आदिवासी समुदाय के लोग अपने इष्ट देवता मरांग बुरू को समर्पित करते हैं। मरांग बुरू को समर्पित करने के बाद हीं आदिवासी समुदाय इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। देवनारायण मुर्मु ने कहा कि आदिवासियों का प्रकृति से बहुत हीं गहरा रिश्ता है। कहा कि हम आदिवासी हीं इस देश के मूल निवासी हैं। लेकिन बहुत हीं दुख की बात है कि प्रकृति की पूजा करने वाले प्रकृति पूजक आदिवासियों को सरना धर्म कोड अभी तक नहीं मिला है। जबकि हिन्दू ,मुस्लिम,सिख ,ईसाई को स्वतंत्र धार्मिक पहचान मिल चुकी है।

श्री मुर्मु ने कहा कि यदि हमें धार्मिक मान्यता यानी सरना धर्म कोड नहीं मिलता है तो हमलोगों को जबरन धर्म परिवर्तन कर हमारे लोगों को हिन्दू ,मुस्लिम,सिख,ईसाई, बनाया जाएगा और हमारा अस्तित्व हीं खत्म हो जाएगा। इस लिए हर हाल में हमलोगों को सरना धर्म कोड लेना होगा। आगे मुर्मु पुनः लोगों से कहा कि हमारे आदिवासी सेंगेंल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मु सरना धर्म कोड सहित आदिवासियों की हासा -भाषा ,जाति एवं धर्म, नौकरी ,आदि को बचाने के लागातार वे संघर्ष कर रहे हैं। हम आदिवासियों को उनका साथ देना बेहद हीं जरूरी है, तभी हम आदिवासियों की भाषा, संस्कृति एवं अस्तित्व बच सकता है।

मौके पर आदिवासी सेंगेंल अभियान हजारीबाग युवा मोर्चा के अध्यक्ष विजय टुडू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज आदिवासी समुदाय को वोट की चिंता न कर अपने आदिवासी समाज की चिंता करनी चाहिए। इसके लिए गांव में एकता बनाना जरूरी। वहीं मडमो पंचायत की मुखिया कुंती कुमारी ने भी सभा को सम्बोधित करते हुए नये साल की शुभकामनाएं लोगों को दी । सेंगेंल अभियान हजारीबाग जिला अध्यक्ष बहाराम हांसदा ने भी सभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाजसेवी देवीराम हेम्ब्रम,महादेव मुर्मु,बहाराम मरांडी,शनिचर सोरेन,अर्जुन मरांडी,फूलचंद हेम्ब्रम,लालमुनि सोरेन,काजल हांसदा एवं खुशबू मुर्मु समेत सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे।

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